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B.Ed में कितने विषय होते हैं | B ED Subjects List in Hindi 2024

अगर आप टीचर बनने के सपने को पूरा करना चाहते हैं तो इसके लिए बैचलर आफ एजुकेशन का कोर्स कर सकते है। यह एक ग्रेजुएशन डिग्री प्रोग्राम होता है जिसे आम भाषा में B.Ed के नाम से भी जाना जाता है। इसे आर्ट्स कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम सभी प्रकार के विद्यार्थी कर सकते हैं। भारत में इस कोर्स को एक पेशेवर डिग्री के रूप में भी जाना जाता है। शिक्षा और शिक्षक की दुनिया में आने के लिए विभिन्न प्रकार के विकल्प होते हैं।

लेकिन जब हम किसी भी कोर्स को ज्वाइन करते हैं तो उससे पहले हम उसके बारे में सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त करते हैं। ऐसे में अगर आप भी बीएड करने के बारे में विचार कर रहे हैं तो उसके बारे में आपको सभी प्रकार की संपूर्ण जानकारी होना अनिवार्य है। इसीलिए आज के आर्टिकल में हम आपको इस बात की जानकारी देने जा रहे हैं कि बीएड कोर्स में कितने सब्जेक्ट होते हैं।

B.Ed क्या होती है

B.Ed Degree Program Professional Course होता है जो टीचर बनने के लिए किया जाता है। यह प्रोफेशनल कोर्स 2 से 3 साल तक के लिए होता है जिसका उद्देश्य ऑन कैंपस और फील्ड लर्निंग के माध्यम से एक शिक्षक के लिए अपने स्किल को बढ़ाना होता है। जो टीचिंग के क्षेत्र में अपना कैरियर और भी अधिक बढ़ाना चाहते हैं तो वह M.Ed या MA भी कर सकते हैं। यह ग्रेजुएशन के बाद विशेष शिक्षा कोर्स में दाखिला भी लिया जा सकता है।

B.Ed की फुल फॉर्म

क्या आपको पता है कि B.ED की फुल फॉर्म क्या होती है अगर नहीं तो आइये हम आपको बताते हैं। B.ED की फुल फॉर्म बैचलर आफ एजुकेशन ( Bachelor of Education) होती है।

B.ED Me Kitne Subject Hote Hai (B ED Subjects List in Hindi)

अब बात करते हैं कि B.ED में कौन-कौन से विषय होते हैं। B.Ed का कोर्स करने के लिए इसमें बहुत सारे विषयों का अध्ययन करना होता है, परंतु यह पूरी तरह हम पर निर्भर करता है कि हम किस विषय का चयन करते हैं। विषय का चयन करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि हमने ग्रेजुएशन किस विषय में किया है। विषय का चयन करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जो विषय आपको सबसे अच्छा लगता है और जिस विषय का शिक्षक बनना चाहते हैं। उस विषय का चुनाव करें क्योंकि वह उतनी ही रुचि के साथ आप पढ़ पाएंगे। B.Ed में निम्नलिखित विषय श्रेणियां का अध्ययन करना अनिवार्य होता है:

  1. व्यापार और शारीरिक शिक्षा
  2. मार्गदर्शन और परामर्श
  3. शैक्षणिक मनोविज्ञान
  4. शिक्षा का दर्शन
  5. समग्र शिक्षण
  6. शैक्षिक मूल्यांकन और आकलन
  7. जैविक और प्राकृतिक विज्ञान
  8. शिक्षा संस्कृति और मानव मूल्य

B.Ed में कुछ ऐसे भी विषय होते हैं जिनका अध्ययन आप अपने मर्जी के अनुसार कर सकते हैं या फिर उनका चुनाव भी अपने तरीके से कर सकते हैं। यह विषय निम्नलिखित है:

  1. भूगोल
  2. गणित
  3. अर्थशास्त्र
  4. रसायन विज्ञान
  5. विशेष शिक्षा
  6. हिंदी
  7. राजनीतिक विज्ञान
  8. भौतिक विज्ञान
  9. होम साइंस
  10. अंग्रेजी
  11. कंप्यूटर शिक्षा
  12. हियरिंग इंपेयर्ड

B.Ed के विषय Pedagogy and Methodology

B.Ed में दो विषय पेडगॉजी और मेथाडोलॉजी विषय का अध्ययन करना जरूरी होता है। इन विषय में से पेडागोजी का अर्थ शिक्षा शास्त्र शिक्षण की विधियों और गतिविधियों का अध्ययन करना होता है। इसी के साथ मेथाडोलॉजी का अर्थ विशिष्ट सिद्धांत और विधि पर आधारित कार्य प्रणाली होता है। B.Ed के कोर्स में यह दो बराबर Main Subject होते हैं। जिनके विषय में अध्ययन करवाया जाता है।

  1. Methodology/ pedagogy of physical education
  2. Methodology/ pedagogy of hindi
  3. Methodology/ pedagogy of sanskrit
  4. Methodology/ pedagogy of maths
  5. Methodology/ pedagogy of sociology
  6. Methodology/ pedagogy of social science
  7. Methodology/ pedagogy of home science

B.Ed के एंट्रेंस के लिए परीक्षा का सिलेबस

अब आपको बताते हैं कि बीएड परीक्षा में प्रवेश पाने के लिए क्या-क्या सिलेबस जारी किया गया है।

  1. शिक्षण योग्यता – B.Ed में एंट्रेंस में पास होने के लिए शिक्षण योग्यता होना अनिवार्य होता है। इसमें आपको कुछ ऐसी बातों का ज्ञान होना जरूरी होता है जो आपसे परीक्षा में पूछी जाती है। जैसे कि शिक्षक की प्रकृति, उसके उद्देश्य, उसकी विशेषताएं और बुनियादी आवश्यकता, शिक्षक को प्रभावित करने वाले कारक, शिक्षण में मददगार सामग्री और पढ़ाने के तरीके इन सब के बारे में परीक्षा में पूछा जाता है।
  2. मात्रात्मक रुझान – B.Ed में एंट्रेंस की परीक्षा के लिए मात्रात्मक रुझान का होना अनिवार्य है। इसमें आपसे प्रतिशत, अनुपात औसत और लाभ हानि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसीलिए गणित विषय में इन सभी के बारे में आपको जानकारी प्राप्त होना अनिवार्य है।
  3. सामान्य ज्ञान – इसको आम भाषा में जनरल नॉलेज भी कहते हैं इसमें आपसे मुख्य रूप से इतिहास, सामयिकी, राजनीतिक और सामान्य विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं इसीलिए इस विषय का अध्ययन करना अनिवार्य होता है।
  4. तार्किक विचार – तार्किक विचार में श्रंखला समापन, प्रतिस्थापन और इंटरचेंजिंग वर्णमाला के परीक्षण और वर्गीकरण का सिद्धांत इन सभी से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं इसीलिए इसका अध्ययन करना भी अनिवार्य होता है।
  5. मौखिक योग्यता – मौखिक योग्यता में आपसे युक्ति वाक्य, पैराग्राफ आधारित पहेलियां, बार, पाई और लाइन चार्ट डाटा इंटरप्रिटेशन और बैठने की व्यवस्था, इन सभी के बारे में प्रश्न किए जाते हैं इसीलिए इन सभी का अत्यधिक ज्ञान होना आपके लिए अनिवार्य है।

B.Ed के पाठ्यक्रम की विषय सूची

1. पहला सेमेस्टर

समकालीन भारत में शिक्षा
पाठ्य चर्चा के पार भाषा
स्कूली शिक्षा में विकास और प्रबंधन
शिक्षा में आईसीटी
बचपन और बड़ा होना
संचार कौशल और व्याख्यात्मक लेखन
लिंग स्कूल और समाज
व्यक्तित्व स्वयं और योग को समझना

2. दूसरा सेमेस्टर

आकलन
सीखना और सीखना
आईसीटी अनुप्रयोग
ललित कला और रंगमंच सीखने के लिए
पूर्व Internship
सामग्री और शिक्षा शास्त्र 1 भाग 1
सामग्री और शिक्षा शास्त्र 2 भाग 1

3. तीसरा सेमेस्टर

स्कूल इंटरशिप
सामग्री और शिक्षा शास्त्र 1 भाग 2
सामग्री और शिक्षाशास्त्र 2 भाग 2
शिक्षण सामग्री के साथ कौशल नकली पाठ

4. चौथा सेमेस्टर

राष्ट्रीय चिंता और शिक्षा
मार्गदर्शन और परामर्श
व्यावहारिक परीक्षा
एक समावेशी स्कूल बनाना
ज्ञान और पाठ्य चर्चा

यह भी देखें:- B.Ed Syllabus PDF in Hindi 2024 Full Details.

B.Ed Course कितने वर्ष का है

आपकी जानकारी के लिए बता दे की B.ED का कोर्स वैसे 2 साल का होता है जिसमें 4 सेमेस्टर होते हैं लेकिन इसे पूरा करते-करते 3 साल भी लग जाते हैं। इसके बाद M.Ed किया जाता है जिसे मास्टर ऑफ एजुकेशन कहा जाता है।

B.Ed कोर्स की फीस

जब हम B.Ed करने के बारे में सोचते हैं तो यह सोचते हैं कि इसको करने के लिए कितना खर्चा आएगा। वैसे तो पूरी तरह से यह कॉलेज पर निर्भर करता है कि आप किस तरह के कॉलेज का चुनाव कर रहे हैं। अगर अनुमान के द्वारा बताया जाए तो इस कोर्स को पूरा करने में लगभग ₹50000 से ₹60000 प्रति वर्ष देना होता है। यह फीस अलग-अलग विश्वविद्यालय और कॉलेज की अलग-अलग हो सकती है इसीलिए कॉलेज का चुनाव करते समय पहले फीस के बारे में सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।

B.Ed कोर्स करने के लिए योग्यता

B.Ed कोर्स करने के लिए छात्र को अपने बैचलर आफ आर्ट्स या बैचलर ऑफ कॉमर्स या फिर बैचलर ऑफ साइंस इन सभी स्ट्रीम में से किसी एक स्ट्रीम में 50% अंक लेकर आना अनिवार्य होता है। इसी के साथ मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से 12वीं कक्षा का उत्तीर्ण होना भी अनिवार्य होता है। इस कोर्स की परीक्षाएं जून या जुलाई के महीने में जारी की जाती है और इसका परिणाम अंतिम जुलाई या शुरुआती अगस्त में आ जाता है।

B.Ed कोर्स करने के बाद शिक्षक की सैलरी

जब आप B.ed का कोर्स पूरा कर लेते हैं तो एक शिक्षक बन जाते हैं। इसके लिए आपको एक डिग्री भी मिल जाती है। वहीं अगर आप सोच रहे हैं कि एक b.ed किये हुए शिक्षक की सैलरी कितनी होती है तो यह पूरी तरह से आपके पोस्ट पर निर्भर करता है। इसका मतलब होता है b.ed पूरी करने के बाद आपको दो तरीके से शिक्षक के पद पर भर्ती किया जाता है:

एक टीजीटी टीचर की इनकम 3 लाख प्रतिवर्ष या इससे ज्यादा भी हो सकती है। वहीं अगर एक पीजीटी टीचर की बात की जाए तो उसे लगभग साढे चार लाख प्रतिवर्ष या फिर इससे भी ज्यादा तक की सैलरी मिलती है।

यह भी देखें:-

सरकारी अध्यापक कैसे बनते हैं पूरी जानकारी
B.a. करने के बाद करियर कैसे बनाएं?
घर बैठे Online और Offline पैसे कैसे कमाए?

निष्कर्ष

इस लेख में हमने आपको इस बात की जानकारी दी है कि आप b.ed किस प्रकार कर सकते हैं और b.ed में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं। अगर आप भी टीचर बनने का सपना देख रहे हैं तो b.ed का कोर्स कर सकते हैं और अपने इस सपने को पूरा कर सकते हैं। अगर आपको हमारा यह आर्टिकल मददगार लगता है तो आप इसे अपनी सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते हैं, धन्यवाद।

FAQ:-

B.Ed कोर्स में कौन-कौन से सब्जेक्ट अनिवार्य होते हैं?

इसमें हिंदी, इंग्लिश, भौतिक विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, रसायन विज्ञान इत्यादि जरूरी होते हैं।

B.Ed कोर्स की पढ़ाई कौन सी पढ़ाई होती है?

बैचलर ऑफ़ एजूकेशन यह एक अंडरग्रैजुएट डिग्री कोर्स होता है जो 2 साल के लिए होता है। इसको कंप्लीट करने के बाद स्कूल कॉलेज में पढ़ने के लिए आवेदन किया जाता है।

B.Ed का कोर्स कितने साल का होता है?

यह एक अंडर ग्रेजुएट डिग्री कोर्स होता है जो 2 साल का होता है।

B.Ed के बाद कौन-कौन सी जॉब कर सकते हैं?

इस कोर्स को करने के बाद टीचर, इंस्ट्रक्टर, एडवाइजर, मटेरियल ऑथर, प्रिंसिपल, इत्यादि जॉब होती है।