NET JRF क्या होता है पूरी जानकारी? | JRF Full Details in Hindi 2023

आप सभी जानते हैं कि किसी भी नौकरी या किसी भी प्रकार की स्कॉलरशिप पाने के लिए गवर्नमेंट बहुत सी एग्जाम लेती है। जिसके लिए परीक्षार्थी बहु संख्या में सम्मिलित होते हैं, बहुत से छात्र छात्राएं ऐसे भी होते हैं।

जिन्हें आगे पढ़ने के लिए मदद की आवश्यकता होती है जिनमें से कई एग्जाम में ऐसे भी होते हैं जिनके बारे में परीक्षार्थियों को कोई आईडिया नहीं होते तथा उनके मन में बहुत से डाउट होते हैं। उन डाउट्स को क्लियर करने के लिए हमारे द्वारा यह लेख लिखा गया है।

जिसमें जो परीक्षार्थी Assistant Professor Art Junior Research Fellowship में रुचि रखते हैं उन सभी परीक्षार्थियों के लिए आज का हमारे यह लेख लिखा गया है जिसमें हम आपको जेआरएफ JRF Kya Hota Hai से जुड़ी पूरी जानकारी देंगे सभी परीक्षार्थियों से निवेदन है कि हमारा लेख अंत तक जरूर पढ़ें ताकि एग्जाम से जुड़ी पूरी जानकारी आपको प्राप्त हो सके।

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NET JRF Kya Hota Hai?

JRF Kya Hota Hai?

JRF full form Junior Research Fellowship (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) जिसे UGC (University Grant Commission) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा करवाया जाता है। जो कि पूरे भारत गवर्नमेंट के द्वारा कराई जाने वाली एक राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा है। यह एक प्रकार की फेलोशिप होती है अर्थात छात्रवृत्ति है।

JRF (Junior Research Fellowship) में जो भी अभ्यर्थी होते हैं वह Assistant Professor के साथ-साथ फेलोशिप अर्थात छात्रवृत्ति (Scholarship) लेने के योग्य भी माने जाते हैं उन अभ्यार्थियों का NET तो clear होगा ही साथ ही वे अभ्यर्थी छात्रवृत्ति का लाभ भी उठा सकेंगे, जो गवर्नमेंट के द्वारा दी जाती है। यह फेलोशिप उन अभ्यार्थियों को तभी प्राप्त होगी जब वे केंद्रीय विश्वविद्यालय में एडमिशन लेते है।

यदि अगर किसी अभ्यर्थी ने अपनी PHD की परीक्षा किसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पूरी की होगी तो उन अभ्यार्थियों को फेलोशिप प्राप्त नहीं होगी। जेआरएफ के एग्जाम के पश्चात जिन अभ्यर्थियों का कट ऑफ थोड़ा कम होता है उन्हें नेट क्वालिफाइड में तथा जिन अभ्यर्थियों के कट ऑफ थोड़ी ज्यादा होते हैं उन्हें जीआरएफ क्वालिफाइड में जगह दी जाती है।
जो की मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाती है। फॉर्म भर्ती समय खास ध्यान रखें की जेआरएफ और नेट दोनों समान ही है फर्क बस इतना है की जेआरएफ में फेलोशिप गवर्नमेंट के द्वारा दी जाती है Net Exam में गवर्नमेंट फेलोशिप नहीं देती।

JRF लिए योग्यताएं:-

  • JRF के लिए न्यूनतम योग्यता PG (Post Graduation) मास्टर होना अति आवश्यक है चाहे विद्यार्थी किसी भी विषय में मास्टर डिग्री की हो विद्यार्थी आर्ट्स ,कॉमर्स ,साइंस या इंजीनियरिंग किसी भी क्षेत्र में मास्टर डिग्री होनी चाहिए।
  • यदि विद्यार्थी मास्टर्स में फाइनल ईयर या फाइनल सेमेस्टर में है तो वह JRF के एग्जाम में भाग ले सकता है
  • अगर JRF क्वालिफाइड के बाद अभ्यार्थी ने 3 साल के भीतर पी एच डी में एडमिशन नहीं लिया तो उन्हें गवर्नमेंट के द्वारा फैलोशिप प्राप्त नहीं होगा।
  • NET / JRF एग्जाम फॉर्म भरने के लिए जनरल वर्ग के विद्यार्थियों का मास्टर्स में 55% और अन्य वर्ग के विद्यार्थियों का मास्टर्स में 50% होना अति आवश्यक है तभी विद्यार्थियों को एग्जाम देने दिया जाएगा।

JRF Exam Form के लिए आयु सीमा:-

  • ST/SC/OBC: वर्ग वाले विद्यार्थी के लिए आयु सीमा 31 साल तक की है
  • पूर्व सैनिक( महिला अथवा पुरुष)= 5 साल की छूट
  • LLM Degree वालों को 3 साल की छूट।

JRF Exam Fees:-

  • UR =1000/-
  • OBC =500/-
  • ST/SC/PWD=250/-

JRF Exam कब होता है?

JRF की एग्जाम प्रतिवर्ष 2 बार होते हैं जून और दिसम्बर में ।

JRF Exam की तैयारी:-

JRF एग्जाम तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु निम्नांकित है:

  1. Videos: जेआरएफ एग्जाम प्रिपरेशन के लिए आप किसी भी ऑनलाइन क्लास ज्वाइन कर सकते हैं कई ऐसे भी Youtube पर ऑनलाइन क्लासेस होते हैं जो परीक्षार्थियों के लिए बिल्कुल मुफ्त होती है और कई ऐसे भी वीडियो हैं जिनके लिए आपको कुछ रुपए पढ़ने के लिए पे करने होंगे। जिसमें आपको JRF Exam Preparation में काफी मदद मिलेगी।
  2. Online/Offline Market में जेआरएफ एग्जाम की प्रिपरेशन के लिए आपको बहुत से सोर्स मिल जाएंगे जैसे बुक्स या फिर नोट्स ।
  3. JRF Clarified Student’s जूनियर रिसर्च फैलोशिप के अभ्यार्थी अर्थात प्रोफेसर है जो बहुत से ऐसे इंस्टिट्यूट मैं प्रोफेसर के तौर पर जेआरएफ एक्जाम प्रिपरेशन कराते हैं जहां जेआरएफ के एग्जाम में क्वालिफाइड प्रोफेसर है जो जेआरएफ की तैयारी कराने मैं मदद के साथ-साथ अपना जेआरएफ क्लियर करने का Experience शेयर करते हैं और वह बहुत सी जरूरी जानकारी आपको बताते हैं जो आपके एग्जाम में काफी मदद के तौर पर काम आएंगे जहां आपको एक से बढ़कर एक प्रोफेसर के Lecture साथ में उनके द्वारा दी गई गाइडलाइन Exam के लिए बहुत ज्यादा काम आएगी।

JRF के फायदे:-

  1. जिन अभ्यर्थियों के जेआरएफ क्वालिफाइड है उन अभ्यार्थियों को 3 साल के अंदर उन्हें भारत के किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीएचडी में एडमिशन लेना होगा जिसके लिए गवर्नमेंट उन्हें 5 साल की फेलोशिप देगी किंतु अगर उस अभ्यार्थी ने 3 साल के अंदर पीएचडी में एडमिशन नहीं लिया तो उन्हें किसी भी प्रकार की फेलोशिप गवर्नमेंट के द्वारा प्राप्त नहीं होगी।
  2. जिन अभ्यर्थियों ने जेआरएफ क्वालिफाइड के बाद भारत के किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीएचडी में एडमिशन लिया है उन्हें प्रतिमाह फेलोशिप गवर्नमेंट के द्वारा प्राप्त होगी जिसमें 3 साल तक जूनियर रिसर्च फेलोशिप तथा 2 साल तक सीनियर रिसर्च फेलोशिप प्राप्त होगी।
  3. फेलोशिप के तौर पर 5 साल तक अभ्यार्थी को लगभग 2500000 रुपए मिलते हैं।
  4. जेआरएफ क्वालिफाइड विद्यार्थी किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर के योग्य होता है।
  5. इन अभ्यर्थियों को किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रवेश हेतु किसी भी प्रकार की परीक्षा देनी नहीं पड़ती क्योंकि वे स्वयं योग्य होते हैं। सीधी इंटरव्यू के द्वारा उनका सिलेक्शन हो जाता है।
  6. अभ्यार्थी JRF क्वालिफाइड के बाद रिसर्च भी कर सकता है और पब्लिक सेक्टर में जॉब भी कर सकता है।

JRF एग्जाम सिलेबस:- (JRF Exam Syllabus in Hindi 2023)

इसके 2 paper हैं जिसमें:

Paper 1:-
Paper 1 में 10 यूनिट होते हैं जिसमें से हर यूनिट से पांच प्रश्न पूछे जाते हैं:

  1. Unit – शैक्षणिक योग्यता(Teaching Aptitude)
  2. Unit – रिसर्च एप्टिट्यूड(Research Aptitude)
  3. Unit – कंप्रेशन (Comprehension)
  4. Unit – कम्युनिकेशन(Communication)
  5. Unit – मैथमेटिकल रीजनिंग एंड एप्टीट्यूड(Mathematical Reasoning and Aptitude)
  6. Unit – लॉजिकल रीजनिंग(Logical Reasoning)
  7. Unit – डाटा इंटरप्रिटेशन(Data Interpretation)
  8. Unit – इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी(Information and Communication Technology (ICT)
  9. Unit – पीपल कमा डेवलपमेंट एंड एनवायरमेंट(People, Development and Environment)
  10. Unit – हायर एजुकेशन सिस्टम(Higher Education System)

Paper 2:-
यह वह पेपर है जिसमें विद्यार्थी जिस विषय में अपनी शिक्षा प्राप्त की है उस विषय के लिए पेपर 2 होता है अर्थात जिस विषय में विद्यार्थियों ने अपनी पीजी की परीक्षा पास की है उसे ही विषय में पेपर 2 की परीक्षा ली जाती है।

JRF एग्जाम पैटर्न (JRF Exam Pattern in Hindi 2023)

JRF कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन एग्जाम होता है।

जिसमें ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं।

JRF की परीक्षा दोनों भाषाओं में होती हैं अर्थात हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषा में ।

2 पेपर होते हैं:-
1 पेपर में 50 प्रश्न =(100 अंको के)
2 पेपर में 100 प्रश्न =(200 अंको के)

समय 3 घंटे (Time Duration=3 hours)

पेपर में किसी भी प्रकार की Negative Marking नहीं की जाती।

सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों का पेपर पहले और दूसरे पेपर में 40% अंक लाना अनिवार्य है और अन्य वर्ग के विद्यार्थियों का पहले पेपर और दूसरे पेपर में 35% अंक लाना अनिवार्य हैं।

निष्कर्ष:-
JRF Exam पूरे भारत में होने वाला एक महत्वपूर्ण एग्जाम है जिसके लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय में PHD की सुविधा और उसके साथ साथ फेलोशिप की सुविधा भी रखी गई है जिनसे सभी अभ्यार्थियों को काफी हद तक मदद और सुविधा प्राप्त होती है और जेआरएफ एग्जाम की पूर्ण जानकारी हमने आपको अपने इस आर्टिकल के द्वारा दी हैं जिसमें आप सभी को JRF Exam से जुड़ी जानकारी प्राप्त हुई होगी आशा करते हैं।कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा।

FAQ (Frequently Asked Questions for JRF):-

जेआरएफ (JRF) का पूरा नाम क्या है?

उत्तर: जेआरएफ का पूरा नाम Junior Research Fellowship (जूनियर रिसर्च फेलोशिप )है।

जेआरएफ का एग्जाम देने के लिए सभी परीक्षार्थियों की शैक्षणिक योग्यता कितनी होनी चाहिए?

उत्तर: जेआरएफ एग्जाम के लिए सभी परीक्षार्थी की मास्टर्स कंप्लीट होनी चाहिए चाहे वे किसी भी विषय में मास्टर्स पूरी की हो अगर परीक्षार्थी मास्टर्स के फाइनल ईयर या फाइनल सेमेस्टर में है तो ऐसे परीक्षार्थी भी जेआरएफ एक्जाम दे सकते हैं।

जेआरएफ क्वालिफाइड अभ्यार्थियों को कितने वर्षों के लिए फैलोशिप दी जाती है? और कितनी दी जाती है।

उत्तर: जेआरएफ क्वालिफाइड विद्यार्थियों को 3 वर्ष जूनियर रिसर्च फेलोशिप और 2 वर्ष सीनियर रिसर्च फेलोशिप के तौर पर दी जाती है यह 5 साल के फेलोशिप मे लगभग 25,00,000 रुपए गवर्नमेंट के द्वारा दिए जाते हैं।

जेआरएफ दिलाने के लिए परीक्षार्थियों की आयु सीमा कितनी होनी चाहिए।

उत्तर: जेआरएफ दिलाने के लिए परीक्षार्थियों इस सत्र में 31 वर्ष आयु सीमा रखी गई है।

जेआरएफ किस प्रक्रिया से ली जाती है? और कब होती है?

उत्तर: जेआरएफ ऑनलाइन माध्यम से ली जाती है जो साल में 2 बार जून और दिसंबर के माह में कराई जाती है।

जेआरएफ एग्जाम क्वालीफाई करने के पश्चात फेलोशिप प्राप्त के लिए अभ्यार्थी को क्या करना होता है?

उत्तर: जेआरएफ एग्जाम क्वालीफाई करने के पश्चात फैलोशिप प्राप्त करने के लिए अभ्यार्थी को 3 साल के भीतर भारत के किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीएचडी में एडमिशन लेना होगा जिसके पश्चात उन्हें फैलोशिप प्राप्त होंगे।

जूनियर प्रोफेसर या असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर जॉइनिंग करने के लिए किस परीक्षा की तैयारी करें?

उत्तर :- जूनियर प्रोफेसर या असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय या किसी और प्राइवेट विश्वविद्यालय में जॉइनिंग करना चाहते हैं तो आपको सर्वप्रथम नेट क्वालिफाइड करना होगा।

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