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MLC क्या होता है कैसे बने? | MLC Full Form in Hindi 2024

भारत एक लोकतांत्रिक देश है भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इतने बड़े लोकतंत्र में हर एक पद चुनाव द्वारा ही निर्धारित होता है। जनता तय करती है कि कौन किस पद पर बैठेगा। और इतने बड़े लोकतंत्र व इतने बड़े देश को सुसज्जित तरीके से चलाने के लिए अनेक तरह के पद निर्धारित किए गए हैं जो अलग-अलग सदन के अंतर्गत आते हैं। राज्य स्तरीय सदन को विधान परिषद या विधानसभा कहते हैं जबकि केंद्रीय स्तरीय सदन को संसद भवन कहा जाता है। इन सदन में अनेक प्रकार के पद होते हैं उनका चुनाव करके चयनित किया जाता है जिसमें MLC का पद भी शामिल है।

अक्सर आपने कभी ना कभी तो MLC के बारे में सुना ही होगा। लेकिन क्या आपको पता है कि MLC क्या है? MLC कौन होता है? MLC कहां पर बैठता है? MLC का क्या काम होता है? MLC बनने के लिए क्या योग्यता निर्धारित की गई है? MLC का चुनाव कैसे होता है? MLC को कितना वेतन मिलता है? इत्यादि MLC से संबंधित जानकारी अधिकांश लोगों को पता नहीं होती है। लेकिन उन्हें जानने की इच्छा रहती है। तो आज के हिसाब से कल में हम आपको पूरी जानकारी के साथ विस्तार पूर्वक MLC के बारे में बता देंगे। इस आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़कर आप MLC के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तो आइए MLC के बारे में जानते हैं।

MLC Kya Hota Hai?

MLC ka full form Member of Legislative Council होता है। MLC विधानसभा में बैठने वाला एक सदस्य होता है जिसे हम विधान परिषद का सदस्य कहते हैं यह चुनाव के बाद क्यों जाता है, इसे MLC कहा जाता है। यहां पर हमने विधानसभा का जिक्र किया है और आप भली-भांति जानते हैं कि किसी भी राज्य की सदन को विधान सभा या विधान परिषद कहते हैं। तो अब आप यह भी जान गए होंगे कि भारत के प्रत्येक राज्य की अपनी एक विधानसभा है या विधान परिषद है तो देश के सभी राज्यों में उनकी विधान परिषद या विधानसभा में एक MLC होता है, जिसके लिए हर बार चुनाव करवाया जाता है।

MLC full form in Hindi

MLC विधान परिषद राज्य विधान मंडल का उच्च सदन माना जाता है। विधान सभा के सदस्यों को MLC कहा जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि विधान परिषद का एक सदस्य स्थानीय निकायों, राज्यपाल और राज्य विधानसभा, स्नातक तथा शिक्षकों द्वारा 6 साल की अवधि के लिए चुना जाता है जिसमें प्रत्येक 2 वर्ष में सदस्यों को सेवानिवृत्त किया जाता है, एमएलसी भारत के नागरिक होते हैं भारत में 6 राज्यों में विधान परिषद स्थापित किए गए हैं जिनमें उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश तेलंगाना महाराष्ट्र कर्नाटका बिहार शामिल है। MLC को हिंदी में विधान परिषद सभासद कहते हैं।

विधान परिषद में प्रत्येक वर्ष एक तिहाई सदस्य अपने पद से इस्तीफा देते हैं क्योंकि उनके स्थान पर नए सदस्यों को नियुक्त किया जाता है। परंतु अगर कभी विधानसभा में किसी की मृत्यु हो जाती है या कोई उम्मीदवार उस पद से अपना त्यागपत्र दे देता है। तो उस विधानसभा में अब एक पद खाली हो जाता है लेकिन खाली पद के विधानसभा नहीं चल सकती। इसीलिए इस स्थिति में अचानक खाली जगह को भरने के लिए चुनाव करवाया जाता है। परंतु वह व्यक्ति उस पद पर तब तक ही रहेगा, जब तक मरे हुए या त्यागपत्र वाले व्यक्ति का कार्यकाल पूरा नहीं हो जाता। कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव से चयनित व्यक्ति MLC नहीं रहेगा।

MLC के कौन-कौन से कार्य होते हैं? —

जैसा कि आप भली-भांति जान चुके हैं कि MLC का पद काफी महत्वपूर्ण है और यह राज्य परिषद के अंतर्गत आता है। तो इसका काम भी कुछ महत्वपूर्ण ही होता है आइए जानते हैं MLC के कार्य —

  • MLC विधान परिषद के कार्य पर विशेष ध्यान देता है।
  • MLC का काम बिलों को स्वीकार और अस्वीकार करना भी होता है।
  • MLC का काम मंत्रिमंडल में कानून बनाने और समस्याओं पर चर्चा करने तथा अपना प्रस्ताव भी रखता है।

MLC Ka Chunav Kaise Hota Hai?

  • आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि MLC के चुनाव के लिए सदस्यों को अलग-अलग प्रक्रिया से चुना जाता है।
  • MLC के एक तिहाई सदस्यों को विधान सभा के सदस्यों के द्वारा चुना जाता है, विधानसभा के सदस्य उन सदस्यों को चुनती है जो विधान परिषद के सदस्य नहीं है।
  • जिला बोर्ड, नगर पालिका और अन्य प्रधिकरण के सदस्यों के द्वारा विधान परिषद के कुछ सदस्यों को चुनाव किया जाता है।
  • MLC के चुनाव में उन लोगों को शामिल किया जाता है, जिन्होंने 3 साल तक राज्य के अंदर शैक्षणिक संस्थाओं में पढ़ाई की हो।
  • जो व्यक्ति विज्ञान कला,  साहित्य और सामाजिक सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं उन सदस्यों को राज्यपाल द्वारा चुना जाता है।
  • MLC के चुनावों में उन व्यक्तियों को भी शामिल किया जाता है जिन्होंने 3 साल पहले ही अपनी पढ़ाई पूरी कर ली हो।

MLC के लिए योग्यता क्या है? —

MLC पद के लिए भी अन्य पदों की भर्ती कुछ योग्यता निर्धारित की गई है जिसके आधार पर यह तय किया जा सके कि इस पद के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति उस पद के काबिल है या नहीं। तो MLC पद के लिए निर्धारित की गई योग्यता इस प्रकार है —

  • MLC बनने के लिए व्यक्ति का कम से कम 30 वर्ष का होना जरूरी है इस पद के लिए 30 वर्ष न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित की गई है।
  • MLC बनने के लिए उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना आवश्यक है बिना भारत की नागरिकता के इस पद के लिए आवेदन नहीं कर सकतें।
  • MLC पद के लिए आवेदन करने वाला उम्मीदवार शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए।
  • MLC आवेदक का नाम राज्य के मतदाताओं की सूची में शामिल होना चाहिए।
  • MLC पद के लिए आवेदन करने वाला उम्मीदवार दिवालिया या आर्थिक रूप से कमजोर नहीं होना चाहिए।
  • MLC उम्मीदवार समान समय में किसी सरकारी पद या संसद का सदस्य नहीं होना चाहिए।
  • MLC उम्मीदवार जिस क्षेत्र से MLC बनना चाहता है वह उसी क्षेत्र का निवासी होना चाहिए‌

MLC कैसे बनते हैं? —

विधान परिषद के अंतर्गत आने वाला MLC का पद काफी महत्वपूर्ण होता है। इसीलिए इस पद हेतु निर्वाचन की एक प्रक्रिया निर्धारित की गई है जो इस प्रकार हैं —

  • विधान परिषद का सदस्य बनाने के लिए उम्मीदवार को राज्यों के अंतर्गत आने वाले शैक्षणिक संस्थाओं में स्टडी करनी होगी, जिसके बाद विधान परिषद का सदस्य बनने के लिए चुना जाएगा।
  • MLC बंदना के लिए कुछ सदस्यों के नाम को संसद में भेजा जाएगा जिनके नाम को बहुमत से पारित किया गया है।
  • MLC बनने के लिए जिला बोर्ड और स्थानीय संस्थाओं द्वारा निर्वाचित किए जाते हैं।
  • विधानसभा क्षेत्र में मतदाता Article 171 के अनुसार लोकसभा और राज्यसभा के बहुमत के आधार पर इस प्रस्ताव को पारित किया जाता है।
  • राज्यसभा एवं लोकसभा में बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित होने के बाद इस पारित प्रस्ताव को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाता है‌
  • प्रस्ताव मिलने के बाद राष्ट्रपति द्वारा विधान परिषद का गठन करने की मंजूरी मिलती है और मंजूरी मिलने के बाद MLC का गठन किया जाता है।

MLC का वेतन कितना होता है? —

MLC के पद की महत्वता कार्य इत्यादि के बारे में अब तक आप भली-भांति जान चुके हैं। तो अब हम यह भी जान लेते हैं कि इस महत्वपूर्ण पद के लिए MLC को प्रतिमाह सैलरी के रूप में कितने रुपए मिलते हैं। तो आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि वर्तमान समय में भारत MLC का वेतन 250000 रुपय प्रति माह है। इस वेतन के अलावा MLC को कुछ वेतन भत्ता भी दिया जाता है और अन्य सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती है। MLC के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है।

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Conclusion

MLC का पद काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पद राज्य विधान परिषद के अंतर्गत आता है जिसके लिए नित्य पूर्ण एक चयन प्रक्रिया बनी हुई है। राज्यसभा और लोकसभा में चुनाव से पारित होने के बाद ही राष्ट्रपति भी हस्ताक्षर करके इस पद पर व्यक्तियों का चयन करता है। MLC के अंतर्गत बहुत ही कम सदस्य आते हैं और इनका कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। लेकिन इनका काम भी काफी महत्वपूर्ण होता है। तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको पूरी जानकारी के साथ विस्तार पूर्वक को MLC के बारे में बता चुके हैं हमें उम्मीद है। यह जानकारी आपके लिए जरूर ही उपयोगी साबित हुई होगी अगर आपका कोई प्रश्न है? तो नीचे दिए गए कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं।