Psychologist kaise bane? | 2022 में मनोवैज्ञानिक बनने से जुड़ी संपूर्ण जानकारी।

Psychologist का अर्थ होता है “मनोवैज्ञानिक“। अगर हम इसे आसान भाषा में समझें, तो कोई ऐसा व्यक्ति जो दूसरों के मन की बात जान सकें, उसे मनोवैज्ञानिक कहते हैं। इंग्लिश में इसे साइकोलॉजिस्ट कहते हैं। वर्तमान समय में यह शब्द काफी ज्यादा प्रचलित है क्योंकि बड़े पैमाने पर Psychologist की requirement रहती है। आमतौर पर विज्ञान तथा मेडिकल के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर साइकोलॉजिस्ट की आवश्यकता रहती हैं और वैसे भी प्रत्येक इंसान यह चाहता है कि वह दूसरों के मन की बात जान सकें, दूसरों के दिमाग में क्या चल रहा है? इस बारे में वह समझ सकें।

लेकिन इसे किसी जादू से या तंत्र विद्या से हासिल नहीं किया जाता है, बल्कि Psychologist पढ़ना होता है। जिसके अंतर्गत आप दूसरों के मन की बात जान सकते हैं। विशेष रूप से ऐसे व्यक्ति जो मानसिक रूप से कमजोर हैं। उनके दिमाग की स्थिति जानकर उनका उपचार किया जाता है। इसीलिए मेडिकल के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर Psychologist की आवश्यकता होती है। दुनिया भर में बड़े पैमाने पर Psychologist मौजूद हैं। इसके अलावा सरकार भी अपने विरोधी देशों के सरकार के दिमाग में चल रहे क्रियाकलापों के बारे में जानना चाहती हैं। इस जगह पर Psychologist काफी काम आते हैं।

अगर आप भी मनोवैज्ञानिक बनना चाहते हैं? यानी की Psychologist बनना चाहते हैं? तो इसके लिए आपको क्या-क्या करना होगा? किस प्रकार के पढ़ाई करें? कितना समय लगेगा? तथा किस प्रकार से आप साइकोलॉजिस्ट बन पाएंगे? इस प्रकार की पूरी जानकारी इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताएंगे। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको पता चल जाएगा कि Psychologist kaise bane? तो चलिए आपको बताते हैं कि मनोवैज्ञानिक क्या होता है? तथा मनोवैज्ञानिक कैसे बनते हैं?

साइकोलॉजिस्ट क्या होता है?

Psychologist kaise bane? | 2022 में मनोवैज्ञानिक बनने से जुड़ी संपूर्ण जानकारी।

Psychologist को हिंदी में मनोवैज्ञानिक कहते हैं। इसका अर्थ होता है कि मानव मस्तिष्क का अध्ययन करना तथा मानव मस्तिष्क को समझना। आसान भाषा में बताएं तो किसी भी व्यक्ति के दिमाग में क्या चल रहा है? वह व्यक्ति क्या सोच रहा है? तथा आगे क्या कर सकता है? इस बात को समझ कर उसका अर्थ निकालना मनोवैज्ञानिक कहलाता है। विशेष रूप से अगर कोई व्यक्ति गुस्से में है, खुशी में है, या दुख में है? तो मनोवैज्ञानिक उनकी भावनाओं के आधार पर उसके मस्तिष्क का अध्ययन करके यह पता लगाते हैं कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है। इस तरह का मस्तिष्क का अध्ययन करने वाले व्यक्ति को Psychologist कहते हैं।

आमतौर पर आज के समय में तनाव तथा डिप्रेशन से ग्रसित लोगों को Psychologist की अत्यधिक आवश्यकता होती है क्योंकि वह लोग पूरी तरह से तनाव में जकड़ जाते हैं। जबकि विशेषज्ञों को अपनी परेशानी भी खुलकर नहीं बताते हैं। ऐसी स्थिति में मनोवैज्ञानिक उनके मस्तिष्क का अध्ययन करके व्यक्ति के व्यवहार उसकी सोच भावनाएं इत्यादि के बारे में विस्तार से गहनता से अध्ययन करके उसके दुखों का पता लगाते हैं, जिसके आधार पर उनका उपचार किया जाता है और वे ठीक हो जाते हैं। यही वजह है कि आज के समय में Psychologist की काफी ज्यादा डिमांड बढ़ गई है।

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साइकोलॉजिस्ट कितने प्रकार के होते हैं?

आमतौर पर दुनिया भर में 5 तरह के Psychologist होते हैं। प्रत्येक Psychologist का अलग-अलग काम होता है क्योंकि आज की दुनिया में विभिन्न प्रकार से मस्तिष्क का अध्ययन करना होता है। यह काफी मुश्किल काम है इसके लिए प्रत्येक कार्य को करने को अलग भाग दिया गया है। यही वजह है कि संपूर्ण दुनिया में आज के समय में Psychologist पांच प्रकार के होते हैं, तो आइए सभी पांच प्रकार के Psychologist के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से प्राप्त करते हैं।

1. व्यक्तिगत साइकोलॉजिस्ट –

Psychologist की इस शाखा के अंतर्गत व्यक्तिगत सोच के तरीकों को अध्ययन के रूप में जाना जाता है। इससे यह पता चलता है कि व्यक्तिगत रूप से व्यक्ति की सोच बदलाव तथा उसके परिवर्तन में क्या कारण आए हैं। इस बारे में गहनता से अध्ययन किया जाता है।

2. सामाजिक साइकोलॉजिस्ट –

Psychologist इस शाखा के अंतर्गत एक समाज या समूह के मस्तिष्क का अध्ययन किया जाता है। इसके दौरान यह पता लगाया जाता है कि वह समाज या संगठन अथवा समूह किस प्रकार का व्यवहार रखता है, किस प्रकार से सोचता है, उनका क्या विकास है तथा क्या उनकी भावनाएं है। इत्यादि सामाजिक Psychologist के अनुसार अध्ययन किया जाता है।

3. जैविक साइकोलॉजिस्ट –

Psychologist की इस शाखा के अनुसार शरीर में बदलाव के रूप में मस्तिष्क का अध्ययन किया जाता है यानी कि शरीर में जिस प्रकार से जैविक प्रक्रिया के अनुसार बदलाव होते हैं? उस समय मनुष्य का मस्तिष्क किस तरह से प्रभावित होता है। इस बारे में अध्ययन किया जाता है।

4. नैदानिक साइकोलॉजिस्ट –

Psychologist कि यहां शाखा विशेष रूप से मानसिक रोगियों के लिए उपलब्ध की गई है। विशेष रूप से जो व्यक्ति दिमाग की बीमारियों से ग्रसित है या मानसिक रूप से कमजोर हैं। उनके दिमाग को पढ़कर उपयुक्त इलाज के लिए उनके मस्तिष्क का अध्ययन किया जाता है।‌ इसीलिए इसे नैदानिक Psychologist कहते हैं।

5. सज्ञानात्मक साइकोलॉजिस्ट  –

Psychologist की इस शाखा के अंतर्गत व्यक्ति के सोचने के तरीके निर्णय लेने के तरीके समस्या और परेशानियों से समझने के तरीके तथा बात करने के तरीकों के बारे में मस्तिष्क का अध्ययन किया जाता है। इस Psychologist शाखा को संज्ञानात्मक शाखा कहते हैं। विशेष रुप से इस शाखा के Psychologist को बड़े-बड़े देश की सरकारें विरोधी देशों के लिए इस्तेमाल करती है।

साइकोलॉजिस्ट के कार्य

Psychologist का मुख्य कार्य रिसर्च का अध्ययन करना होता है। साइकोलॉजिस्ट मुख्य रूप से मानसिक रूप से बीमार तथा मस्तिष्क से संबंधित बीमारियों वाले मरीजों के मस्तिष्क का अध्ययन करते हैं। ताकि उन्हें उचित उपचार दिलाया जा सकें और उनके मस्तिष्क को ठीक किया जा सकें। इसीलिए इंसानी दिमाग को पढ़ने के लिए इस तरह के Psychologist होते हैं।‌ Psychologist किसी भी इंसान के दिमाग को पढ़ने का काम करते हैं, जिससे उन्हें पता चल जाता है कि वह किस प्रकार से सोचते हैं? किस प्रकार से योजना बनाते हैं?

साइकोलॉजिस्ट विज्ञान की एक शाखा है। इसीलिए इसका मुख्य रूप से उपयोग मेडिकल तथा रिसर्च एवं प्रयोग से संबंधित होता है। मनुष्य का व्यक्ति किस प्रकार से कार्य करता है? मस्तिष्क में कौन-कौन से विचार आते हैं? इत्यादि के बारे में गहनता से साइकोलॉजिस्ट द्वारा अध्ययन किया जाता है। आमतौर पर आज के समय में ज्यादातर लोग डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं, तनाव के शिकार हो जाते हैं, मन में अनचाहे विचार आते हैं, विभिन्न प्रकार की सोच होती है, भावनाएं काबू में नहीं रहती है, तरह-तरह की फीलिंग आती है, विभिन्न प्रकार का प्रसार बना रहता है, इससे उनका मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। इन सभी कार्यों का अध्ययन मनोवैज्ञानिक अर्थात Psychologist द्वारा किया जाता है।

साइकोलॉजिस्ट कैसे बने? (Psychologist kaise bane in 2022)

  • Psychologist बनने के लिए अभ्यर्थी को सबसे पहले बैचलर ऑफ साइकोलॉजी का कोर्स करना होगा। यह कोर्स 3 वर्ष का होता है। इसके अंतर्गत 2 वर्ष का मास्टर ऑफ साइकोलॉजी कोर्स करना होता है।
  • Psychologist बनाने के लिए विशेष रूप से आपको इस विषय में रुचि होने चाहिए, तभी आप साइकोलॉजिस्ट बन पाएंगे।
  • साइकोलॉजी के क्षेत्र में मास्टर की डिग्री प्राप्त करने के बाद स्पेशलाइजेशन भी किया जा सकता है।
  • Psychologist बनाने के लिए गहनता से सुनने की क्षमता होनी चाहिए।
  • दूसरों के मस्तिष्क को बारीकी से जानने और उस पर अध्ययन करने की प्रबल इच्छा होनी चाहिएं।
  • अभ्यर्थी की अच्छी कम्युनिकेशन स्किल होनी चाहिए।
  • साइकोलॉजिस्ट बनाने के लिए अभ्यर्थी को धैर्यवान, आत्मविश्वास तथा सुनने एवं समझने की योग्यता रखनी चाहिए।

साइकोलॉजी के कोर्स कौन-कौनसे हैं?

साइकोलॉजि का सत्र वैसे तो बहुत बड़ा है, जिसके अंतर्गत 5 विशेष प्रकार की शाखा आती है।‌ लेकिन साइकोलॉजि पढ़ते समय आपको मुख्य रूप से तीन कोर्स करवाए जाते हैं। इन तीन कोर्स के अंतर्गत विशेष रूप से पूरा साइकोलॉजी पढ़ाया जाता है, जिसके बाद आप आसानी से किसी भी व्यक्ति का मस्तिष्क को पढ़ सकते हैं और साइकोलॉजिस्ट बन सकते हैं। साइकोलॉजी के कोर्स निम्नलिखित हैं —

  • BA ऑनर्स इन साइकोलॉजी
  • पीजी डिप्लोमा इन साइकोलॉजी
  • MA/MSc इन साइकोलॉजी

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साइकोलॉजी जॉब प्रोफाइल एवं करियर विकल्प —

विशेष रूप से Psychologist की अस्पतालों को जरूरत होती है क्योंकि अस्पतालों में बीमार मरीजों को ठीक करने के लिए साइकोलॉजिस्ट की आवश्यकता पड़ती है।

देश की बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटीज में कॉलेज में रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन में देश के बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में स्कूलों में प्राइवेट इंडस्ट्री में तथा कॉरपोरेट हाउस में साइकोलॉजिस्ट की जॉब प्रदान की जाती है। जॉब प्रोफाइल के अंतर्गत आप क्षेत्रों में कार्य कर सकते हैं।

भारत की रक्षा विज्ञान संस्था जिसे डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) कहते हैं। इस संस्था में भी आप बड़े पद पर जॉब पा सकते हैं या फिर आप अपना खुद का एक क्लीनिक खोल सकते हैं।

साइकोलॉजिस्ट की सैलरी कितनी होती है? –

Psychologist एक अत्यंत महत्वपूर्ण पद होता है जिसे छोटी नौकरी से लेकर सरकार तक द्वारा नियुक्त किया जाता है। आमतौर पर साइकोलॉजिस्ट बड़े-बड़े अस्पतालों में तथा शिक्षण संस्थानों में नियुक्त होते हैं। इसके अलावा छोटे बड़े क्लीनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट तथा सरकारी कार्यों में भी देखने को मिलते हैं। अगर हम बात करें Psychologist के सैलरी की, तो आमतौर पर एक Psychologist हो कम से कम ₹40000 हर महीने आसानी से मिल जाता है। आप कितनी बड़ी कंपनी में काम करते हैं या कितने बड़े अस्पताल में अथवा के संस्थान में तथा कौन से पद पर कार्य कर रहे हैं। इसके ऊपर निर्धारित होता है अधिकतम दो लाख रुपए हर महीने भी Psychologist को दिया जाता है।

साइकोलॉजिस्ट –

Psychologist एक प्रकार की विज्ञान से जुड़ी हुई शैक्षणिक तथा प्रयोगात्मक विद्या है, जिससे मनुष्य और पशुओं के मस्तिष्क को अनुभव के आधार पर पहचाना जाता है। PSYCHOLOGY शब्द कि उत्पत्ति लैटिन भाषा के दो शब्दो (PSYCHE+LOGOS) से मिलकर हुई हैं। PSYCHE का अर्थ होता है “आत्मा का” तथा LOGOS का अर्थ होता हैं “अध्ययन करना” इस प्रकार से PSYCHOLOGY का अर्थ मन का अध्ययन करना होता है।

आधुनिक मनोविज्ञान का जनक “विल्हेम मैक्समिलियन वुण्ट” जर्मन चिकित्सक को माना जाता है। भारत में सबसे पहले सन् 1916 में कोलकाता में Psychologist डिपार्टमेंट की शुरुआत हुई थी। भारत के पहले साइकोलॉजिस्ट नरेंद्र नाथ सेनगुप्ता थे। Psychologist बड़ी-बड़ी कंपनियों में प्रोजेक्ट पर कार्य करते है। तथा अपराधियों के समूह को अध्ययन करके समझाता है। उसके कमजोरियों को पहचाना जाता है। इसके अलावा मानसिक रोगियों को Psychologist की मदद से ठीक किया जाता है।

Conclusion

Psychologist करियर विकल्प तथा समाज की जरूरत के अनुसार एक अत्यंत महत्वपूर्ण पद है। अगर आप अभी इस विषय में रुचि रखते हैं तो Psychologist बन सकते हैं। Psychologist कैसे बनते हैं? साइकोलॉजिस्ट के क्या लाभ है? साइकोलॉजिस्ट क्या कार्य करता है? इत्यादि संपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बता दी गई है। हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए जरूर ही उपयोगी साबित हुई होगी। अगर आपका कोई प्रश्न है? तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं। हम आपके द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर जल्द से जल्द देने की पूरी कोशिश करेंगे।

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